वाशिंगटन

रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम जी राजन ने कहा है कि भारत के सामने इस समय किसी प्रकार का कोई आर्थिक संकट नहीं है और देश के पास इतना विदेशी मुद्रा भंडार है कि उसे अगले 5 साल तक अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) से मदद की जरूरत नहीं होगी।

राजन ने विश्व अर्थव्यवस्था के बारे में अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में कहा कि देश किसी भी तरह से किसी प्रकार के वित्तीय या आर्थिक संकट में नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘किसी भी तरह से यह नहीं कहा जा सकता कि हम वित्तीय या अर्थिक संकट में फंसा देश बनने के करीब हैं। ऐसी कोई संभावना नहीं है कि जिसमें हमें अगले 5 साल में आईएमएफ के पास जाना पड़ेगा।’

उन्होंने कहा कि भारत अपना तीन चौथाई कर्ज अपने विदेशी मुद्रा भंडार से चुकता करने की स्थिति में है। यहां विश्वबैंक तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की सालाना बैठक मं भाग लेने आए राजन ने कहा कि कुल लघु अवधि का विदेशी कर्ज सकल घरेलू उत्पाद के मात्र 10 फीसद के बराबर है, ऐसे में इसको चुकाने के लिए हमारे पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है।

राजन ने कहा, ‘पिछले साल हमने 60 अरब डॉलर से अधिक का सोना खरीदा। 60 अरब डॉलर हमारे चालू खाते के घाटे (कैड) का तीन-चौथाई बैठता है। जरूरत होने पर हम दुनिया को सोने में भुगतान कर सकते हैं।’

उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार घटी है, लेकिन देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। राजन ने कहा,

‘हमें अब अर्थिक वृद्धि में तेजी को वापस लाने की जरूरत है। इसके बावजूद हम दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।’

बीते वित्त वर्ष में देश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर दशक भर के निचले स्तर 5 प्रतिशत पर आ गई। (एजेंसी)
 

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