मनीला । तपती धरती और वनोंके समाप्त होने के चलते पर्यावरण के लिए खतरे की घंटी बज रही है। इसको लेकर पूरी दुनिया के वैज्ञानिक चिंतित हैं। पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से ही पैरिस जलवायु जैसा समझौता अस्तित्व में आया। पर्यावरण को बचाने के लिए अब फिलीपींस सरकार एक अनोखा कानून बनाने जा रही है। इस कानून के मुताबिक यहां स्कूल से लेकर कॉलेज तक के स्टूडेंट्स को डिग्री तब दी जाएगी, जब वे 10 पौधे अनिवार्य रूप से लगाएंगे। सरकार का मानना है कि अगर इस नियम को सही तरीके से लागू किया गया तो हर साल 17.5 करोड़ पौधे लगाए जा सकेंगे। दरअसल फिलीपींस में जंगल लगातार कम होते जा रहे हैं। बेतहाशा कटाई के कारण बीते 85 सालों में यहां का कुल वन क्षेत्र 70 फीसदी से घटकर 20 फीसदी ही रह गया है। फिलीपींस की सीनेट में पिछले दिनों पारित हुए इस बिल को ‘ग्रेजुएशन लिगेसी फॉर द एनवायर्नमेंट एक्ट’ नाम दिया गया है। अब इस पर कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कानून के जानकारों ने इस बिल को जलवायु परिवर्तन से निपटने और हरियाली वापस लाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। बिल को सीनेट के प्रतिनिधि गैरी अलेजानो ने पेश किया था। इस बिल के अनुसार शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के साथ-साथ कृषि विभाग और आम लोग भी संयुक्त रूप से इस कानून का पालन करेंगे। सरकार ने उन जगहों की पहचान भी कर ली है, जहां ये पौधे लगाए जाएंगे। सभी सरकारी एजेंसियों को इसकी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। ये एजेंसियां ही स्टूडेंट्स को पौधे उपलब्ध करवाएगी और सही तरीके से देखभाल भी करेगी। कानून लागू होने से 17.5 करोड़ पौधे हर साल लगाए जा सकेंगे। यूएन रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे ज्यादा वन क्षेत्र रूस में है। यहां कुल वन क्षेत्र 45.4 फीसदी है। भारत यूएन की वन और पर्यावरण संरक्षण की सूची में 8वें नंबर पर है। भारत के 23.68 फीसदी हिस्से में वन है। इस सूची के टॉप-10 देशों में ब्राजील, कनाडा, अमेरिका, चीन, ऑस्ट्रेलिया, कांगो, अर्जेंटीना और इंडोनेशिया भी शामिल हैं।