एक ओर जहां भारतीय हॉकी महासंघ के प्रयासों से भारतीय टीम आगे बढ़ती जा रही है। वहीं पाकिस्तान के हॉकी महासंघ की कमजोरी से टीम लगातार कठिनाइयों में घिरती जा रही है। भारतीय टीम दुनियाभर में खेल रही है जबकि पाकिस्तान की टीम को आर्थिक संकटों के कारण विदेशी दौरे नहीं मिल पा रहे हैं। 
भारतीय टीम एफआईएच प्रो लीग से जुड़ेगी  
भारतीय पुरुष हॉकी टीम अगले साल एफआईएच प्रो हॉकी लीग से जुड़ेगी। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने अपने कार्यकारी बोर्ड की बैठक के बाद कहा, ‘भारतीय पुरुष टीम 2020 से एफआईएच प्रो लीग से जुड़ेगी, इसका अन्य प्रतिस्पर्धी राष्ट्रीय संघों ने ने स्वागत किया है।’ 
इससे पहले जुलाई 2017 में हॉकी इंडिया ने पुरुष और महिला दोनों राष्ट्रीय टीमों को प्रतियोगिता से हटाने का फैसला किया था। हॉकी इंडिया का मानना है कि हॉकी विश्व लीग के जरिए टीम के पास ओलिंपिक के लिए क्वॉलीफाई करने का का बेहतर मौका रहेगा।
एफआईएच के सीईओ थियेरी वील ने कहा, ‘यह शानदार है कि भारत अगले साल एफआईएच प्रो लीग से जुड़ेगा। देश में हॉकी को लेकर काफी जुनून है और इससे हमारी सबसे नई प्रतियोगिता को काफी फायदा होगा।’ कार्यकारी बोर्ड ने साथ ही 2020 और 2021 एफआईएच प्रो लीग के मैचों को अपनी मंजूरी भी दे दी। लीग प्रतियोगिता का आयोजन हर साल पहले छह महीनों में किया जाएगा और ये सभी मैच ‘घरेलू मैच’ होंगे। विरोधी के मैदान पर होने वाले मैच भी होंगे लेकिन ये दो सत्र में होंगे।
 एफआईएच ने पीएचएफ पर जुर्माना लगाया 
वहीं आर्थिक बदहाली में फंसे  पाकिस्तान हॉकी महासंघ की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। अंतरराष्ट्रीय हाकी महासंघ (एफआईएच) ने प्रो लीग प्रतिबद्धताओं को पूरा नहीं करने पर पाकिस्तान हॉकी महासंघ (पीएचएफ) पर 170,000 यूरो का जुर्माना लगाया है। पीएचएफ ने माना कि  अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में प्रो लीग मैचों के लिए उसने आर्थिक संकट के कारण अपनी राष्ट्रीय टीम नहीं भेजी। वहीं अब वह जुर्माना भरने की हालत में भी नहीं है। 
पीएचएफ के सचिव शाहबाज अहमद ने कहा कि उन्होंने एफआईएच से जुर्माने की रकम को कम करने के लिए कहा है। साथ ही कहा कि इसे किश्तों में भुगतान करने की राहत दें। शाहबाज ने कहा- मैंने एफआईएच के सदस्यों को कहा है कि प्रो लीग में टीम भेजने के लिए हमारे पास पैसे नहीं है ऐसे में हम इतना भारी जुर्माना कहां से देंगे। मैंने उनसे कहा कि उन्हें पाकिस्तान हॉकी के संकट को समझना चाहिए और जुर्माना लगाने कि जगह हमारी सहायता करनी चाहिए। 
वहीं पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और एफआईएच के कार्यकारी बोर्ड के सदस्य शाहबाज ने कहा कि राहत की बात यह है कि एफआईएच ने हम पर प्रतिबंध नहीं लगाया। एफआईएच ने पीएचएफ को 20 जून तक जुर्माने की रकम अदा करने का समय दिया है और ऐसा नहीं करने की स्थिति में जुर्माना दोगुना कर दिया जाएगा।