इंदौर नगर-निगम का कर्मचारी असलम खान करोड़ों का आसामी निकला. अकेले इंदौर में ही उसके 5 आलीशान घर हैं. लोकायुक्त पुलिस ने जब उसके इन पांचों घरों पर एक साथ छापा मारा तो यहां 5 लाख के तो सिर्फ बकरे ही मिले. इसके साथ 2 किलो सोना, 15 लाख कैश और 25 बाक़ी संपत्तियों का पता चला. असलम खान ने घर में एक बेहतरीन होम थियेटर बना रखा था.


असलम खान का ये घर अशोका कॉलोनी में हैं. पांचों घरों में एक साथ लोकायुक्त ने कार्रवाई शुरू की. इन मकानों के साथ उसकी देवास और महू के आसपास की ज़मीनें, दो दुकानें, चार घरों के दस्तावेज, लाखों की ज्वेलरी और बैंक अकाउंट की जानकारी मिली है.


इसके अलावा एक फ्लैट, तीन चार पहिया वाहन जिसमें एक एसयूवी, एक सेडान कार और एक क्लासिक जीप है. साथ में तीन दो-पहिया वाहन जिसमें बुलट मोटर साइकिल भी शामिल है. असलम को नगर निगम में मात्र 18 हजार रुपए महीने की पगार मिलती है, इसके बाद भी उसका आलीशान बंगला है, जिसमें होम थियेटर भी बना हुआ है. असलम नगर निगम में बेलदार है, लेकिन निगम के भवन अनुज्ञा शाखा में उसका खासा दखल है.


बताया जा रहा है कि कई आला अफसरों से सेटिंग के कारण असलम का अब तक कुछ नहीं बिगड़ पाया है. हालांकि सस्पेंड कई बार हुआ, पर कुछ ही समय में बहाल भी हो जाता था. असलम को चार बार सस्पेंड किया जा चुका है. तीन बार तत्कालीन निगमायुक्त सीबी सिंह के कार्यकाल में और चौथी बार तो हाल ही में तत्कालीन निगम कमिश्नर मनीष सिंह ने सस्पेंड करके ट्रेंचिंग ग्राउंड पर अटैच कर दिया, पर बहाल हो गया और बिलावली जोन पर भेजा गया.


यह भी बताया जा रहा है कि असलम के सस्पेंशन का कारण हर बार यही रहा कि वो भवन निर्माताओं से सांठ-गाठ कर नक्शे पास करवाता है. इसके पहले सीबी सिंह ने भी उसे यहां घूमने पर ही सस्पेंड किया था. इसके बाद फिर शिकायतें आने लगीं तो फिर सस्पेंड करके रिमूवल विभाग में भेजा गया. इस बार लोकायुक्त के छापे में कई डायरियां भीं मिली हैं जिसमें कई सफेदपोशों के नाम भी हैं. छापे की कार्रवाई जारी है.