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Thursday, 21 September 2017, 5:53 PM

उपदेश

पढ़िए एक आत्मा का खुला पत्र

Updated on 14 May, 2015, 12:18
मृत्यु के बाद मनुष्य का कुछ बाकी रहता है या नहीं ? यदि रहता है, तो किस अवस्था में और कहां रहता है ? परलोक किसे कहते हैं ? और वह कहां है ? ऐसे कई प्रश्न हैं जो आज के आधुनिक दौर में विज्ञान भी तलाश नहीं कर पाया... आगे पढ़े

मान सम्मान से परे एक मर्मस्पर्शी पत्र

Updated on 13 May, 2015, 8:47
सन् 1952 में इज़राइल के प्रथम राष्ट्रपति कैम वीजमान का निधन हो गया तो इज़राइल का राष्ट्रपति पद स्वीकारने के लिए महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन से प्रार्थना की गई। आइंस्टीन ने विनम्रता से उस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया और इज़राइली राजदूत अब्बा एवान को एक पत्र लिखा। वो पत्र कुछ... आगे पढ़े

सुबह सुबह यह दिख जाए तो अपनी आंखें बंद कर लेनी चाहिए

Updated on 12 May, 2015, 12:09
मालवेश्वर भोज को राजसिंहासन पर बैठे कुछ ही दिन हुए थे। एक दिन प्रातःकाल वह अपने रथ पर आसीन होकर राजकीय उद्यान की ओर क्रीड़ा के लिए जा रहे थे। उनका रथ बड़ी तेजी से राजपथ पर बढ़ा जा रहा था। सहसा महाराज भोज ने रथ रोकने का आदेश दिया। वह... आगे पढ़े

ढाई आखर प्रेम का..

Updated on 11 May, 2015, 13:17
संत कबीर के अनुसार, विद्वान होने के लिए मोटी-मोटी पोथियां पढ़ने की नहीं, बल्कि खुद से, खुदा के बंदों से प्रेम करने की जरूरत है। यही पूजा है और यही परमात्मा से मिलन। संत कबीर जयंती (13 जून) पर आलेख.. धर्म के बारे में एक बेहद संजीदा सवाल अक्सर लोगों के... आगे पढ़े

झूठी शान दिखाने पर जाना पड़ सकता है नर्क

Updated on 11 May, 2015, 7:42
हाजी मुहम्मद एक मुस्लिम संत थे। वे कई बार हज यात्रा करके आए थे और नियमित पांचों वक्त की नमाज पढ़ते थे। एक दिन उन्होंने एक स्वप्न देखा, एक फरिश्ता स्वर्ग और नर्क के बीच में खड़ा है और वह सभी प्राणियों को उनके कर्म के अनुसार स्वर्ग और नर्क... आगे पढ़े

दुनिया में आए हो अगर तो मरना ही होगा

Updated on 11 May, 2015, 7:42
कृशा गौतमी श्रावस्ती के निर्धन परिवार में जन्मी थी। जितनी वह निर्धन थी, उतनी ही सुंदर। सुंदरता के कारण उसका विवाह एक धनी व्यक्ति से उसका विवाह हो गया। लेकिन वहां उसका हमेशा अपमान होता था। जब पुत्र हुआ तो सम्मान होने लगा। समय बदला और उसके पुत्र की अचानक ही... आगे पढ़े

हमेशा लगाइए जीत का नुक्ता

Updated on 10 May, 2015, 12:08
जब अब्राहम लिंकन वकालात किया करते थे। उनके पास एक आदमी अपने मुकदमें के कागजात लेकर आया, जिसमें वह लिंकन को अपना वकील बनाना चाहता था। सारे कागज को देखने के बाद लिंकन बोले, हालांकि कानूनी नुक्ते से आपका मुकदमा जीता जा सकता...। और उन्होंने यह कहते हुए सारे कागजात उसे... आगे पढ़े

मनुष्य दुखों से कैसे मुक्त हो

Updated on 8 May, 2015, 12:37
वर्तमान में संसार के लगभग सभी विचारक इस बात को लेकर चिंताग्रस्त हैं कि मनुष्य को दुखों से कैसे मुक्त किया जाए। सभी लोग केवल यही चिंता कर रहे हैं कि मनुष्य दुखों से कैसे मुक्त हो, लेकिन मुक्त होने का प्रयास कोई नहीं कर रहा है। महर्षि पतंजलि जैसे संतों... आगे पढ़े

गुरु अमरदास: सेवा ही धर्म है

Updated on 5 May, 2015, 12:26
तीसरे सिख गुरु अमरदास जी जहां सेवा और समर्पण के आदर्श बने, वहीं धर्म को लोक कल्याण का माध्यम बनाया। कल उनका प्रकाशोत्सव था। इकसठ वर्ष से अधिक आयु के हो चुके थे, जब एक बार प्रात: उनके कानों में गुरुवाणी के बोल पड़े। ये बोल उनके हृदय में उतर... आगे पढ़े

बस यह कहिए.. 'जो होगा, देखा जाएगा'

Updated on 4 May, 2015, 13:04
यदि श्रद्धा नहीं है, तो नहीं है, आप क्या कर सकते हैं? सीधी सी बात है। श्रद्धा भी उपहार है। आप अपने दिल और दिमाग में श्रद्धा थोपने का प्रयास तो नहीं कर सकते। प्रश्न- गुरुदेव, इस पूर्ण विश्वास के साथ कैसे जीवन जिए कि समर्पण करने के बाद गुरु... आगे पढ़े

साधुओं के विषय में क्या कहता धर्म

Updated on 3 May, 2015, 13:05
समाज में हर इंसान को साधु की तरह जीवनयापन करना चाहिए। धर्म साधुओं के विषय में क्या कहता है? जो व्यक्ति मन में सोचते हैं कि मेरे लिए मेरा प्राण जितना प्यारा है और लोगों के लिए भी उनके प्राण भी उतने ही प्यारे हैं, यही समझकर जो दूसरों के... आगे पढ़े

बुद्ध ने कहा था सिर्फ विवेक की सुनो

Updated on 3 May, 2015, 7:25
वैशाख पूर्णिमा गौतम बुद्ध की जयंती है। इस वर्ष यह 4 मई के दिन है। और उनका निर्वाण दिवस भी। इसके अतिरिक्त इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। बोधिवृक्ष के नीचे बैठे अनेक वर्षों तक घोर तपस्या करते-करते गौतम को वैशाख महीने की पूर्णिमा की रात्रि के... आगे पढ़े

प्रकृति ने दी है इंसान को ये नेमत

Updated on 2 May, 2015, 14:53
अमेरिका निवासी प्रसिद्ध धनी और क्रीड़ा प्रेमी वाण्डर बिल्ट किसी काम के सिलसिले में इटली के प्रमुख नगर कुस्तुन्तुनिया गए हुए थे। संयोग से उन्हीं दिनों फ्रांस के अभिनेता कॉकलिन भी कुस्तुन्तुनिया आए हुए थे। जब विनोदी और रसिक स्वभाव वाले वाण्डर बिल्ट ने यह बात सुनी तो उसने कुस्तुन्तुनिया की... आगे पढ़े

कलम मजदूरों के बेफिजूल चोंचले

Updated on 2 May, 2015, 7:40
बहुत से लेखकों के बारे में मशहूर है कि वे ऐसे कागज पर लिखते हैं, फलां मूड में लिखते हैं। किस्म-किस्म की कलम से लिखते हैं। और न जाने क्या-क्या। लेकिन उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद्र इस दिखावटी तामझाम से दूर रहते थे। एक बार किसी ने उनसे पूछा, 'मुंशीजी, आप कैसे... आगे पढ़े

हरी घास पर मन का चोर

Updated on 1 May, 2015, 8:39
इंग्लैंड के विख्यात कवि वायरन अपने स्वास्थ्य सुधार के लिए जेनेवा (स्विट्जरलैंड) में निवास कर रहे थे। एक दिन उनके बचपन का दोस्त उनसे मिलने पहुंचा, तो वे बहुत प्रसन्न हुए। दोस्त को वह शाम में पार्क घूमाने ले गए। जब मित्र का ध्यान पार्क की कोमल घास पर गया तो... आगे पढ़े

हमारे भीतर है अच्छाई

Updated on 30 April, 2015, 13:31
लेखक और दार्शनिक कॉलिन विल्सन की यह कहानी हमें बताती है कि जो कुछ है, वह हमारे भीतर ही है। बस हमें अच्छे को चुनना होता है...मशहूर अंग्रेजी लेखक कॉलिन विल्सन (1931-2013) आधुनिक युग के महत्वपूर्ण दार्शनिकों में जाने जाते हैं। अपनी आत्मकथा 'ड्रीमिंग टु सम परपज के पहले अध्याय... आगे पढ़े

कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना

Updated on 28 April, 2015, 9:28
अमेरिकन राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के विरोधी, अखबारों में जी-खोलकर उनकी बुराई करते थे। लेकिन, लिंकन इन बातों से विचलित नहीं होते थे और अपने काम मे जुटे रहते थे। एक दिन उनके मित्र ने उनसे कहा, 'विरोधी लोग आपके खिलाफ चाहे अनेक ऊल-जलूल बातें अखबारों में प्रकाशित करवाते रहें, उनकी बातों... आगे पढ़े

विज्ञान और अध्यात्म का नाता

Updated on 27 April, 2015, 13:03
महर्षि व्यास के अनुसार, विश्व में मनुष्य से श्रेष्ठ और कुछ नहीं। उसी में परम चेतना को उभारने वाली विद्या का नाम अध्यात्म है। वस्तुत: अध्यात्म का लक्ष्य है- मनुष्य के अंदर छिपी शक्तियों और सत्प्रवृत्तियों को मनोवैज्ञानिक पद्धति से इतना आगे बढ़ाना कि व्यक्ति के जीवन में देवत्व छलकने... आगे पढ़े

गंगा जयंति: आज गंगा पूजन करना अमोघ फलदायक होता

Updated on 25 April, 2015, 13:45
वैसाख शुक्ल सप्तमी के पावन दिन गंगा जी की उत्पत्ति हुई। इस कारण इस पवित्र तिथि को गंगा जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष यह पर्व 25 अप्रैल को मनाया जाएगा। गंगा जयंती के शुभ अवसर पर गंगा जी में स्नान करने से पुण्यलाभ प्राप्त होता है।... आगे पढ़े

शंकराचार्य जयंती: आधुनिकता के प्रणेता

Updated on 23 April, 2015, 13:37
आदि शंकराचार्य ने अद्वैत वेदांत दर्शन द्वारा लोगों के बीच खाइयों को पाटने का प्रयास कर धर्म और दर्शन में आधुनिकता की नींव रखी। उनकी जयंती (23 अप्रैल) पर विशेष... आठवीं शताब्दी की शुरुआत का लगभग दो दशक वैचारिक दृष्टि से भारत के लिए ऐसा क्रांतिकारी समय रहा, जो आज तक... आगे पढ़े

मधुर हो जीवन का हर क्षण

Updated on 22 April, 2015, 12:21
जिस प्रकार हमेशा प्रत्यंचा तनी रहने से धनुष बेकार हो जाता है, उसी प्रकार यदि हम हर वक्त तनाव में रहेंगे, तो हमारी रचनात्मकता क्षीण हो जाएगी। आइए, मन पर भारी सारे बोझ हटा लें और मधुर बना लें जीवन का हर क्षण...। एक बच्चे को अपना मनपसंद खिलौना मिल गया।... आगे पढ़े

परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार कहे जाते

Updated on 21 April, 2015, 12:53
परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार कहे जाते हैं। वह त्रेता युग (रामायण काल) के मुनि थे। उनका जन्म भृगुश्रेष्ठ महर्षि जमदग्नि की ओर से करवाए गए पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न देवराज इन्द्र के वरदान स्वरूप हुआ। पौराणिक उल्लेख- परशुरामजी का उल्लेख रामायण, महाभारत, भागवत पुराण और कल्कि पुराण इत्यादि अनेक... आगे पढ़े

भगवान है क्या ?

Updated on 20 April, 2015, 13:28
प्रश्न- भगवान हैं क्या? गुरुरविशंकरजी- क्यों नहीं? अगर भगवान ना होते तो तुम यह प्रश्न ही क्यों पूछोगे? तुम क्या कहोगे अगर एक लहर सागर के अस्तित्व पर सवाल करे? सागर है तभी तो लहर है। जिसके कारण तुम खड़े हो, तुम्हारा अस्तित्व है, तुम सोचते हो, समझते हो, सांस लेते... आगे पढ़े

गुरु का प्रयोजन

Updated on 19 April, 2015, 9:13
गुरु शब्द का अर्थ बड़ा प्यारा है. इसका अर्थ होता है- जिससे अंधकार मिटे. गुरु शब्द का अर्थ होता है- दीया, रोशनी. प्यारा शब्द है. मगर प्यारे से प्यारे शब्द गलत लोगों के हाथों में पड़ कर घातक हो जाते हैं. कितना प्यारा शब्द है! लेकिन उसके क्या-क्या अर्थ हो गए!... आगे पढ़े

रूप का रहस्य, रहस्य का रूप

Updated on 17 April, 2015, 13:27
देहरादून । हिमालयी महाकुंभ श्री नंदा देवी राजजात का अद्भुत, अलौकिक, अतुलनीय, अति प्राचीन, अविस्मरणीय और अति दुर्लभ पड़ाव है रूपकुंड। चमोली जनपद के सीमांत देवाल विकासखंड में समुद्रतल से 4778 मीटर की ऊंचाई पर नंदाकोट, नंदाघाट और त्रिशूल जैसे विशाल हिमशिखरों की छांव में चट्टानों और पत्थरों के विस्तार... आगे पढ़े

कन्फ्यूशियस का जवाब

Updated on 16 April, 2015, 13:17
कन्फ्यूशियस के समय चीन बड़े उतार-चढ़ाव से गुजर रहा था। सभी के मन में अराजकता और रक्तपात का भय समाने लगा। सरकार का एक नुमाइंदा ऐसे माहौल में कन्फ्यूशियस को ढूंढ़ने लगा। उसने कन्फ्यूशियस को एक पेड़ के नीचे ध्यानमग्न देखा। उसने कहा, 'इस विकट समय में आपका मार्गदर्शन चाहिए।... आगे पढ़े

बैसाखी पर पड़ी थी खालसा की नींव

Updated on 14 April, 2015, 12:02
बैसाखी प्रसन्नता का पर्व है। नई फसल से घर में समृद्धि की खुशी होती है, तो इसमें शामिल है खालसा पंथ की स्थापना का स्मरण भी...। बैसाखी (14 अप्रैल) पर विशेष... साखी पंजाब का खास सामाजिक पर्व है, जिसे लोग मिल-जुलकर आनंदपूर्वक मनाते हैं। नई फसल के घर आने की खुशी... आगे पढ़े

अध्यात्म का मूल

Updated on 13 April, 2015, 10:25
सभी धर्म जीवन के सत्य की ही खोज करते हैं। हमें पूजा-पाठ और कर्मकांड में उलझने के बजाय उनका मर्म समझना चाहिए... एकम् सत्य द्वितीय ना अस्ति। सत्य एक और सनातन है। गुरुबाणी में इसे आदि सच, जुगादि सच इत्यादि शब्दों से संजोया गया है। बाइबल में 'मैं सत्य हूं के... आगे पढ़े

प्रथा और परिवर्तन

Updated on 9 April, 2015, 11:47
एक ऐसा इलाका था, जहां की भूमि उर्वर नहीं थी। वहां बहुत कम फल उपजते थे। ईश्वर ने एक नियम बनाया कि वहां के लोग दिन में केवल एक ही फल खाएं। इस नियम को लोगों तक पहुंचाया ईश्वर के दूत ने। लोगों ने दूत की बात मानी और दिन... आगे पढ़े

भाग्य की पुस्तक

Updated on 8 April, 2015, 14:09
एक व्यक्ति का आखिरी समय नजदीक आ गया था। जब वह रेगिस्तानी रास्ते पर जा रहा था, उस समय उसके पास यमदूत आया। यमदूत को वह व्यक्ति पहचान नहीं सका। लेकिन चूंकि वह अच्छा आदमी था, इसलिए उसने यमदूत को पानी पिलाया। इसके बाद उस व्यक्ति ने पूछा, 'तुम कौन... आगे पढ़े