Wednesday, 20 September 2017, 11:46 PM

उपदेश

ऐसा क्या था बुद्ध के पैर में, एक ज्योतिषी रह गया दंग

Updated on 2 October, 2016, 23:33
आषाढ़ माह की गर्म दोपहर थी। भगवान बुद्ध अपने शिष्यों के साथ भ्रमण पर जा रहे थे। उस रास्ते में कहीं पेड़ भी नहीं थे। चारों तरफ बिखरी थी तो बस रेत ही रेत। रेत पर चलने के कारण तथागत् के पैरों के निशान बनते जा रहे थे। ये निशान... आगे पढ़े

गृहस्थ या संन्यास, दोनों में से कौन सा है श्रेष्ठ मार्ग

Updated on 2 October, 2016, 23:32
एक ब्राह्मण युवक 25 वर्ष की आयु में धर्मशास्त्रों की विद्या प्राप्त करने के पश्चात इस सोच में था कि वह जीवन में कौन-सा मार्ग पकड़े जिससे परम लक्ष्य प्राप्त हो। धर्मग्रंथों के गूढ़ अध्ययन-मनन से जीवन एवं जगत की नश्वरता का विचार उसके मन में घर कर चुका था।... आगे पढ़े

जन्मदिन पर खास: इस राजा की बदौलत जम्मू कश्मीर है भारत

Updated on 23 September, 2016, 19:40
जम्मू: डुग्गर प्रदेश आज अपने महाराजा का जन्मदिन मना रहा है। यह महाराजा वही हैं जिनकी बदौलत जम्मू कश्मीर आज भारत का हिस्सा है। नाम है महाराजा हरि सिंह। महाराजा हरि सिंह का जन्मदनि 23 सितम्बर 1895 का है। उन्हें निर्णायक और ऐतिहासिक फैसले लेने के लिए याद किया जाता... आगे पढ़े

इसे आजमाकर देख‌िए ज‌िंदगी में कभी दुख और तकलीफ से परेशान नहीं होंगे

Updated on 7 September, 2016, 14:39
वह दरवेश दिन रात बंदगी करता था। एक दिन हज के लिए रवाना हुआ। चलते-चलते एक गांव में पहुंचा। उसने एक गांव वाले से किसी ऐसे घर के बारे में पूछा, जहां पनाह मिल सके। राहगीर ने शाकिर नाम के अमीर का पता बताया। वह बताए व्यक्ति के घर गया।... आगे पढ़े

11 वजहें जो संस्कृत को सबसे स्मार्ट भाषा बनाती हैं...

Updated on 31 July, 2016, 0:07
संस्कृत को न सिर्फ भारत की बल्कि दुनिया की प्राचीनतम भाषा होने का गौरव प्राप्त है. बल्क‍ि यह भी माना जाता है कि हिन्दी, उर्दू, बंगला, मराठी, गुजराती, उड़िया, पंजाबी, असमी, गुरखाली और कश्मीरी आदि आर्य भाषाएं हैं जो संस्कृत की परम्परा से उत्पन्न हुई हैं. संस्कृत को सभी आर्य भाषाओं... आगे पढ़े

हर किसी को मौत से पहले मिलते हैं 4 संकेत

Updated on 10 July, 2016, 18:30
एक ही जिंदगी और इसी एक जिंदगी में हर इंसान को अपने ढेर सारे सपने और इच्छाएं पूरी करनी होती हैं। जिंदगी इन्हीं सपनों की दौड़ में कटती चली जाती है और हम यह भी भूल जाते हैं कि मौत को भी हमारे दरवाजे दस्तक देनी है। यमलोक के दूत... आगे पढ़े

कभी थे भीख मांगने को मजबूर, आज हैं करोड़ों की कंपनी के मालिक

Updated on 24 May, 2016, 22:49
नई दिल्ली, यह कहानी हर उस शख्स की हो सकती है जो हालात के सामने घुटने टेकने के बजाय उनसे लड़ने की ठान लेते हैं. हिम्मते मर्दा तो मददे खुदा जैसी कहावतें भी इन्हीं शख्सियतों के लिए कही गई हैं. अच्छा ठीक है, अब हम भी पहेली बुझाना छोड़ देते... आगे पढ़े

ये था भारत का महायात्री, जिसने की ग्रंथों की खोज, दुनिया कहती है इसे महापंडित..!

Updated on 11 May, 2016, 1:47
यात्राएं जिदंगी की रवानगी को तरोताजा करती हैं और उसकी रहस्‍यों की परतों को खोलने का सबसे बेहतरीन और अलहदा जरिया होती हैं। यदि किताब के चंद पन्‍ने दिल और दिमाग के अंदर हलचल पैदा करते हैं, तो वहीं एक छोटी सी यात्रा अनुभव बनकर किताबी ज्ञान को सबसे परिपक्‍व... आगे पढ़े

इस तरह प्रार्थना करें ईश्वर जरूर सुनेंगे आपकी बात

Updated on 7 May, 2016, 14:43
यदि आप चाहते हैं कि आपकी प्रार्थनाएं सुनी जाएं तो आपकी इच्छा तीव्र होनी चाहिए। तीव्र इच्छा आपको भक्ति की ओर ले जाती है। भक्ति तब उत्पन्न होती है जब आपमें आस्था होती है और अपने आस-पास दिव्यता की उपस्थिति का अनुभव करते हैं। पार्थना इस जल्दबाजी में नहीं रहे कि... आगे पढ़े

ऐसी बातों में समय न गवाएं

Updated on 30 March, 2016, 17:42
भगवान बुद्ध समय की महत्ता को बेहद अच्छी तरह से जानते थे। वह अपना हर क्षण कभी भी व्यर्थ नहीं जाने देते थे। एक बार उनके पास एक व्यक्ति आया और बोला, तथागत आप हर बार विमुक्ति की बात करते हैं। आखिर यह दुःख होता किसे है? और दुःख को... आगे पढ़े

कितने तरह के होते हैं इंसान

Updated on 10 March, 2016, 17:40
मनुष्य चार तरह के होते हैं। यह बात स्वामी रामकृष्ण परमहंस के एक प्रेरक प्रसंग से मिलती है। एक बार परमहंसदेव अपने शिष्यों के साथ नदी किनारे टहल रहे थे। उन्होंने देखा एक मछुआरे जाल फेंककर मछलियों को पकड़ रहे थे। गुरुजी वहां खड़े होकर इस पूरे घटनाक्रम को गौर से... आगे पढ़े

सहिष्णुता से होता है ह्दय परिवर्तन

Updated on 9 March, 2016, 12:42
दशकों पहले स्वामी दयानद गंगा नदी के किनारे रहते थे। वहां वह चिंतन करते थे। वहां अन्य साधु रहते थे। वह उनकी इस साधना से ईर्ष्या करते थे। उन्हें लगता था कि दयानंद उनके प्रभाव को कम न कर दें। इस बात से नाराज होकर सभी साधुओं ने दयानंद जी को... आगे पढ़े

यह है सुंदर संसार की परिभाषा

Updated on 6 March, 2016, 15:34
जब तक हमारे पास सिर्फ शब्द हैं, उनका अर्थ नहीं तब तक हमारे पास जानकारी ही है, ज्ञान नहीं। हमारी तलाश अर्थ की तलाश होना चाहिए। वह किसी से मिलती नहीं है बल्कि खुद खोजना पड़ती है। हम सोचते हैं कि परिभाषा को समझ लेने पर हम उस शब्द को समझ... आगे पढ़े

किसी को भी कमतर न आंके

Updated on 5 March, 2016, 8:14
एक बार चौड़े रास्ते ने पगडंडी से कहा, 'मुझे लगता है कि तुम मेरे आसपास ही चलती हो।' पगड़ंगी ने विनम्रता से कहा, 'नहीं मालूम, तुम्हारे रहते लोग मुझ पर ही चलना क्यों पसंद करते हैं। जब कि मैं तुमसे काफी छोटी हूं।' उसी समय संयोगवश एक वाहन आकर रुका। सामने... आगे पढ़े

ऐसे पाएं आध्यात्मिक ज्ञान?

Updated on 5 March, 2016, 8:13
आध्यात्मिक ज्ञान पाना एक कठिन उपलब्धि है और इसके लिए अत्यंत अनुशासन व समर्पण की आवश्यकता है। आध्यात्मिक ज्ञान की ओर काफी लोग आकर्षित हो रहे हैं। आध्यात्मिक ज्ञान की अनुभुति बहुत ही सुंदर व गहरा महत्व लिए हुए है परंतु हममें से कितने लोग हैं जो इसके महत्व को समझते... आगे पढ़े

कुछ इस तरह बीता ओशो का बचपन

Updated on 18 January, 2016, 10:49
डॉ. ओशो शैलेन्द्र ओशो के जीवन को लेकर बनी मूवी 'रिबेलियस फ्लावर' शुक्रवार 15 जनवरी को रिलीज हो गई। यह कथा मनोरंजक ढंग से हमें यह सोचने को मजबूर करती है कि आज के युग में हम अपने बच्चों को ऐसे अवसर क्यों नहीं दे पाते जो उनके जीवन को भी... आगे पढ़े

सुबह उठते ही नहीं करें यह 7 काम, पूरा द‌िन खराब हो जाता है

Updated on 29 November, 2015, 9:38
1. शास्‍त्रों में मनुष्य की भलाई और सुख-शांत‌ि के ल‌िए कई उपाय बताए गए हैं। ‌शास्‍त्रों में बताया गया है क‌ि हर सुबह मनुष्य का एक नया जन्म होता है और हर रात नींद के साथ उसकी मृत्यु। इसल‌िए हर द‌िन को बेहतर बनाने के ल‌िए कुछ न‌ियमों का पालन... आगे पढ़े

जब धन की कमी से मन घबराए तो इसे जरुर याद करें

Updated on 29 November, 2015, 9:38
बिरजू थका-हारा अपनी झोपड़ी में लौटा। उसका उतरा हुआ मुख देखकर उसकी पत्नी ने पूछा आज भी आपको काम नही मिला? उसने कुछ नहीं कहा। झोंपड़ी में अंधियारा छाया था। बिरजू की पत्नी ने दीपक जलाते हुए कहा, जरा-सा तेल है, पता नहीं यह दीपक भी कितनी देर जलेगा? गरीब बिरजू... आगे पढ़े

कुरान और स्‍त्रीः आंखें नम करने वाली श‌िवाजी की कथा

Updated on 26 November, 2015, 12:12
शिवाजी अपने तंबू में बैठे माधव भामलेकर के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। इसी बीच हाथ में एक ग्रंथ लिए सेनानी पहुंचे। उनके पीछे एक डोला लिए दो सैनिक थे। डोला रखकर वे चले गए। सेनानी ने प्रसन्न मुद्रा में कहा-‘छत्रपते! आज मुगल सेना दूर तक खदेड़ दी गई।... आगे पढ़े

अपनी मां से स्नेह करते हैं तो इसे पढ़कर आंखें नम हो जाएगी

Updated on 26 November, 2015, 12:12
अमेरिका के एक शहर डेट्रायट में एडवर्ड नाम का एक लड़का रहता था। बचपन में उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। परिवार पहले ही बहुत गरीब था, पिता के न रहने पर तो हालत और बिगड़ गई। एडवर्ड की मां एंजिला लगभग अनपढ़ थी। लोगों के घरों में सेवा-चाकरी कर... आगे पढ़े

पंचतंत्र की इस कहानी में छुपा है जीवन का एक बड़ा रहस्य

Updated on 26 November, 2015, 10:58
वह पक्षी बहुत विचित्र था। उसका धड़ एक ही था, परंतु सिर दो थे। भारुंड़ नाम के उस पक्षी के दो सिर होने के कारण एकता  और तालमेल का अभाव था। दोनों एक दूसरे के विपरीत सोचते और काम करते थे। दो सिर होने के कारण भारुंड के दिमाग भी... आगे पढ़े

हर सुबह निकल पड़ते हैं मुंबई के ये फ़रिश्ते

Updated on 5 October, 2015, 10:50
आज के ज़माने मे कोई किसी की छोटी सी भी मदद कर दे तो लोग उसे फ़रिश्ता मान लेते हैं, ऐसे में किसी को ज़िंदगी देने वाला क्या कहलाएगा? मुंबई में मौजूद दो ऐसे लोगों की कहानी को आज भले ही मीडिया में ज़ोर शोर से उछाला जा रहा हो लेकिन... आगे पढ़े

तुम्हें कौनसी शक्ल दिखाऊं बापू? मेरे हाथ तो खून से रंगे हैं

Updated on 2 October, 2015, 10:41
बापू के नाम यह खत मैंने 2 अक्टूबर 2013 को लिखा था। इसकी ज्यादातर बातें आज भी सच लगती हैं। खासतौर से खून से हाथ रंगे होने की। उस वक्त हमने मुजफ्फर नगर के दंगों में अपने हाथ रंगे थे आैर इस साल दादरी इलाक़े के बिसाहड़ा गांव में, जहां... आगे पढ़े

कल‌ियुग के बारे में यह बड़ा रहस्य बताया था श्री कृष्‍ण ने पांडवों को

Updated on 8 September, 2015, 8:36
स्वामी रामसुखदास, एक बार पांडवों ने श्रीकृष्ण से पूछा, कलियुग में मनुष्य कैसा होगा? श्रीकृष्ण ने कहा, तुम पांचों वन में जाओ और जो भी दिखे, उसके बारे में बताओ। पांचों भाई वन में गए। वहां युधिष्ठिर ने देखा कि किसी हाथी की दो सूंड है। अर्जुन दूसरी दिशा में गए।... आगे पढ़े

सुख को सांसारिक समृद्धि में न ढूंढें

Updated on 28 August, 2015, 9:22
हम वस्तुओं में सुख तलाशने की कोशिश करते हैं लेकिन सुख वस्तुओं में है ही नहीं। सुख तो हमारे मन की स्थिति है। बहुत साधारण चीजों के साथ भी अधिक आनंद और अधिक सुखी जीवन व्यतीत किया जा सकता है।' प्राचीन काल से आधुनिक युग तक दुनिया के अधिकांश ग्रंथ परम... आगे पढ़े

जानिए शिर्डी के सांई बाबा के जीवन से जुड़ा एक रहस्य

Updated on 26 August, 2015, 13:35
शिर्डी के सांई बाबा के चमत्कारों और उनके अनुयायियों द्वारा उनकी अनुकंपा के कई किस्से हम आए-दिन सुनते रहते हैं। महान संत और ईश्वर के अवतार सांई बाबा के जन्म और उनके धर्म को लेकर कई विरोधाभास प्रचलित हैं। सांई बाबा ने कभी अपने धर्म को प्रचारित नहीं किया और... आगे पढ़े

श्रीकृष्ण पृथ्वी को मां कहते हैं क्यों कि हम यहां जन्म लेते हैं

Updated on 24 August, 2015, 13:31
स्कंध पुराण 11वां पुराण माना गया है। इस पुराण के प्रथम अध्याय में महाभारत युद्ध का अत्यंत संक्षिप्त वर्णन प्रस्तुत किया गया है। दूसरे और तीसरे अध्याय में नारदजी द्वारा वासुदेव श्रीकृष्ण को राजा निमि तथा नौ योगीश्वरों के संवाद सुनाकर माया, माया से निवृत्ति के उपाय तथा ब्रह्मा एवं कर्मयोग... आगे पढ़े

ऐसे आपकी जिंदगी में खुशहाली व परिवार को सुख की अनुभूति मिलती

Updated on 24 August, 2015, 13:29
हिंदू पुराणों में ऐसे 5 कार्य बताए गए हैं जो आपकी जिंदगी में खुशहाली लाते हैं। इन्हें हर मनुष्य को करना चाहिए। इन कामों को करने से न केवल आप बल्कि आपका पूरा परिवार सुख की अनुभूति प्राप्त करता है। कुलदेवता की पूजा और पितरों का श्राद्ध: जो लोग पितृ और... आगे पढ़े

आश्चर्यजनक हैं गोस्वामी तुलसीदास जी की ये 9 बातें

Updated on 22 August, 2015, 12:22
श्रीरामचरितमानस और हनुमान चालीसा जैसी अनमोल कृति लिखकर गोस्वामी तुलसीदास अपनी इन्हीं कृति के साथ अमर हो गए हैं। गोस्वामी तुलसीदास का जीवन काफी संघर्षमय तरीके से बीता। उनका जन्म उत्तरप्रदेश के बांदा जिले में ग्राम राजापुर में हुआ था। दिनांक 22 अगस्त यानी शनिवार को गोस्वामी तुलसी दास की जयंती... आगे पढ़े

हम निष्पाप होकर ही पूज्य हो सकते हैं

Updated on 18 August, 2015, 7:56
 हम निष्पाप होकर ही पूज्य हो सकते हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि वही व्यक्ति पूजा जाता है, उसी को श्रद्धा के फूल अर्पित किए जाते हैं, जो निष्पाप होता है, नि:स्वार्थ, निष्कलंक होता है। जिसका आदर्श शीशे के समान दैदीप्यमान हो। आपके द्वारा कुछ ऐसे काम होने चाहिए, जिससे लोग कहें... आगे पढ़े